नास्ति विद्या समो बन्धुर्नास्ति विद्या समः सुहृत।
नास्ति विद्या समं वित्तं नास्ति विद्या समं सुखम्।

विद्या जैसा बंधु नहीं, विद्या जैसा मित्र नहीं, ( और ) विद्या जैसा अन्य काई धन या सुख नहीं।

ईश्वर प्रेम विद्या मंदिर स्कूल विद्यार्थियों को शिक्षा एवं संस्कार के माध्यम से सफल जीवन जीने की कला सिखाने का पूर्ण प्रयास करता है।

जिससे राष्ट्र के लिये उपयोगी व्यक्तित्व का निर्माण हो सके, साथ ही प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य पूर्वक समाधन कर परिस्थितियों को अपने अनुकूल या अपने को परिस्थितियों के अनुकूल बनाकर मनुष्य जीवन के उद्देष्य को प्राप्त कर सके।

संत भक्ति प्रिया